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Rape!what does the law say??


  • Rape! what does the law say??

(बलात्कार! क्या कहता है कानून??)
नमस्कार आप सभी का इस ब्लॉग में। एक समय था जब महिलाओं को देवी स्वरूप पूजा जाता था,आज अखबार के पन्नों में इज़्ज़त का तार तार होना मानो आम बात हो गई है।
यह ब्लॉग एक शर्मनाक कृत्य और उसके लिए दी गयी परिभाषा के विषय में है। जंहा एक ओर देश राम मंदिर, कश्मीर जैसे बड़े मुद्दों पर पार चुका है , निर्भया और न जाने कितनी निर्भयाओं के खून से सनी सड़कें यह ओकात दिखा देती है कि देश में महिला सुरक्षा किस कदर नाज़ुक-ए-सूरतेहाल में है साथ ही यह देश के एक वर्ग की तुच्छ मानसिकता को भी प्रदर्शित करती है।
‛बलात्कार' मात्र शब्द भर किसी की ज़िंदगी और मौत के बीच का फांसला बन जाता है। यदि मुगल काल और मुस्लिम राज्यों में सज़ाओं पर गौर की जाए तो शायद ही कोई ऐसी सज़ा होगी जो इस कूर कृत्य के लिए दी जाए।
प्रश्न यह है कि किसी के जीवन की क्या कीमत लगा सकती है न्यायपालिका????



इस विषय पर ज्ञान के लिए आइए जान लें कि कानून के अंतर्गत इसकी परभाषा क्या है। हालांकि इस विषय मे फ़िल्म अभी हाली में बनी भी है।
Section 373( सेक्शन375)

भारतीय दंड संहिता के सेक्शन 375 के अंतर्गत 6 भागों में इसे परिभाषित किया गया है।
1) इच्छा शक्ति बिना 
यदि किसी महिला केे साथ उसकी  इच्छा शक्ति के बिना यह कृत्य किया जाए तो वह बलात्कार की श्रेणी में आएगा।
2) मर्ज़ी के बिना 
यदि किसी महिला की मर्ज़ी या हामी बिना यह कृत्य किया जाए तो भी इसे बलात्कार के अंतर्गत रक्खा जाएगा।
3) खतरा व मजबूरी वश हामी
बलात्कार के कई केस में देखा जाता है कि किसी की मजबूरी का फायदा उठा यह कूर कृत्य किया जाता है भले ही वह मजबूरी खतरे की वजह से हो या किसी ओर कारण।
4) धोखा या झांसा देखर
इस तरह के केस आजकल की युवाओं में अक्सर देखने को मिलते हैं। कई बार समाचारपत्रों में देखने मिलता है ,शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म । साथ ही यदि किसी से अपना वैवाहिक जीवन बताए बिना संभोग किया जाए तो वह भी बलात्कार की श्रेणी अंतर्गत आएगा।
अपवाद:- हालांकि सेक्शन 497 को कुछ हद तक इस भाग का अपवाद माना जा सकता है।
5) शराब,नशा या मानसिक संतुलन सही ना होने की स्थिति में
बहुत बार ऐसा देखने को मिलता है कि महिला नशे या होशोहवास में न होने की स्थिति में इच्छा व हामी व्यक्त कर देती है , इस स्थिति में भी किया कर्म दुष्कर्म ही कहलाएगा ।
6) उम्र
यदि कोई 16 साल से कम उम्र की युवती के साथ यह कृत्य करे तो अवश्य ही वह बलात्कार होगा।
हालांकि भारत में अभी भी बाल विवाह होते हैं जिस कारण वँहा यह उम्र 15 वर्ष है।
याद रहे कि इस उम्र को 16 से 18 साल तक बढ़ाने की मांग की जा रही है।
ज्ञातव्य रहे कि भारतीय दंड संहिता में यह साफ वर्णित किया है कि पुरुष का कभी बलात्कार नही हो सकता ।
उपरोक्त कथन अवश्य विचारणीय है।

21वीं सदी में चलते चलते मनुष्य ने इतना फांसला तो अवश्य तय कर लिया है कि सही व गलत के बीच की महीन लकीर पहचान सके ऐसा मैं सोचता हूँ, परंतु इस युग की एक खास बात यह है कि यह हरपल आपको गलत साबित करने पर उतारू होता है।
अंत में यह सवाल मैं आपसे ही करता हूँ कि क्या मेरा यह सोचना गलत है????


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